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टीवी शो में विनोद कांबली ने कहा, मुसीबत में सचिन ने नहीं की खास मदद; बचपन के दोस्त से तेंदुलकर की क्या थी चिढ़

Sachin Tendulkar | Vinod Kambli |

सचिन तेंदुलकर और विनोद कांबली 1980 में एक साथ इंग्लैंड की टूर पर गये थे। (फोटो- सोशल मीडिया)

सचिन तेंदुलकर और विनोद कांबली बचपन के साथी थे। दोनों साथ-साथ पढ़ाई करते थे और दोनों ने साथ-साथ खेलना शुरू किया था। दोनों 664 रनों की रिकॉर्ड साझेदारी वाली पारी खेलकर क्रिकेट की दुनिया में चर्चित हुए थे। हालांकि सचिन तेंदुलकर क्रिकेट जगत में शीर्ष पर पहुंच गये और विनोद कांबली कुछ खास नहीं चमक सके।

बुरे दिनों में मदद न करने का रहा हमेशा मलाल

कभी मुंबई में साथी रहे विनोद कांबली को इस बात की बेहद तकलीफ है कि जब उनके दिन अच्छे नहीं थे तो सचिन तेंदुलकर ने उनकी कोई मदद क्यों नहीं की। कांबली का कहना है कि सचिन ने उनकी कोई खास मदद नहीं की। इससे वे बेहद परेशान और चिंतित रहे।

विदायी पार्टी में सबको बुलाया, लेकिन कांबली को नहीं पूछा

सचिन तेंदुलकर ने जब अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट से संन्यास लिया तो एक शानदार पार्टी रखी। कहते हैं कि उस पार्टी में पांच सौ लोगों को बुलाया गया। यहां तक कि सचिन जहां पहले रहते थे, वहां के गार्ड, चपरासी और पड़ोसी लोगों को भी बुलाया गया, लेकिन बचपन के दौस्त विनोद कांबली को नहीं बुलाया गया। कांबली को यह बात बहुत चुभती है।

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कांबली कई बार मीडिया में कह चुके हैं कि वे क्रिकेट में अपना पूरा सौ फीसदी दिए, लेकिन उनकी किस्मत अच्छी नहीं थी और वे बहुत सफल नहीं रहे। इस दौरान उनकी लाइफ में कई बार ऊंचा-नीचा हुआ, और वे गंभीर संकट से भी गुजरे। उस वक्त उनको दोस्त से काफी उम्मीद थी।

कांबली बताते हैं कि सचिन ने बहुत लोगों की बुरे दिनों में दिल खोलकर सहायता की, लेकिन उनकी मदद के लिए कभी हाथ नहीं बढ़ाए। कई बार बड़ी मुसीबतों में घिरे रहे। कांबली कहते हैं कि क्रिकेट की दुनिया में सचिन ने जो नाम कमाया है, वह उनकी प्रतिभा और योग्यता की वजह से है। इसमें कहीं कोई शक नहीं है।

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